ब्रह्मांड से जुड़े 100 रोचक तथ्य – 100 Interesting Fun Facts in Hindi

दोस्तो अंतरिक्ष कई रहस्यों से घिरी है, जिसे हम जितना जानने का प्रयत्न करते है, उतना ही ये हमे गहराई में अध्ययन करने को मजबूर करता है। पर हम इसको जितना समझते जाते है, ये हमारे अंदर उतना ही जिज्ञासा पैदा करता है, ताकि हम इस अनंत ब्रह्मांड को अत्यधिक जान सकें। इसीलिए आज मैं आपको अंतरिक्ष से जुड़े मज़ेदार रोचक तथ्य बताने वाला हूँ, Universe Facts in Hindi जिससे आपको अत्यधिक जानकारी प्राप्त होगी, और आप इस दुनिया तथा अंतरिक्ष को एक नए नजरिये से देख अथवा सोच पाएंगे। तो इस नए अनुभव में डूबने के लिए तैयार हो जाइए।

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Universe Facts Hindi
100 UNIVERSE FACTS HINDI

1. हमारी नज़र जब भी रात में आकाश की तरफ जाती है, तो हमे कई सितारे दिखाई देते हैं, ये दिखाई देने वाले सितारे वास्तविक में खुद के ही भूतकाल रूप होते हैं, क्योंकि ये हमसे लाखों प्रकाश वर्ष दूर हैं, और इन सितारों के प्रकाश को हम तक पहुंचने में कई साल का समय लग जाता है।

2. कई सारे सिद्धांतों के हिसाब से हमारे ब्रह्मांड की तरह ही बहुत से एक समान के ब्रह्मांड अंतरिक्ष मे उपस्थित हैं।

3. हमारे सौर मंडल का सबसे अधिक ऊँचा पर्वत मंगल ग्रह पर मौजूद ओलम्पस पर्वत ( OLYMPUS MOUNTAIN ) है। इसकी ऊंचाई माउंट एवेरेस्ट से 3 गुनाह ज्यादा है, इसकी ऊंचाई 26 किलोमीटर है, तथा यह 600 किलोमीटर की भूमि पर फैला हुआ है।

4. शुक्र ग्रह अपने एक्सिस पर इतने धीरे चक्कर लगाता है, की इसका 1 दिन पृथ्वी के एक वर्ष के समान होता है।

5. सन 2018 में 12 AUGUST को नासा ने प्रथम समय सूरज पर एक मिशन लॉन्च किया था, और इसे Parker Solar Probe mission (पार्कर सोलर मिशन) कहा जाता है, इस मिशन का मकसद सूर्य को गहराई से जानने के लिए अथवा सूर्य कार्य किस प्रकार करता है, ये समझने के लिए किया गया था।

6. वॉयजर-1 अंतरिक्ष यान पहला ऐसा यान है, जो हमारे सौरमंडल से बाहर जा चुका है, इस प्रोग्राम को सन 1977 में Voyager-1 और Voyager-2 अंतरिक्ष शिल्प ( Space Craft ) के साथ प्रक्षेपण ( Launch ) किया गया था।

7. Neutron stars का मोटाई इतना घना है कि उनके केंद्र से लिया गया एक चम्मच पदार्थ लगभग 1अरब टन वजन जितना होता है. स्टार का मोटाई का घनापन उनके तेज रफ़्तार से घूमने की वजह से होता है।

8. अंतरिक्ष मे मौजूद स्पेस स्टेशन (Space-Station) अब तक का सबसे महंगा अंतरिक्ष प्रोजेक्ट है। जिसकी कीमत 150 बिलियन डॉलर है। साइंटिस्ट ने हमारे ब्रह्मांड की उत्पत्ति का रहस्य जानने के लिए Hadron Collider नाम के प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।

9. लगभग 10,000 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर, 463,000,000,000 कि०मी० से भी ज्यादा जगह में अल्कोहल ( Alcohol ) से बना बादल फैला हुआ है, ये इतना विशाल है, कि हम लोग इससे बीयर की 400 trillion बोतलें भर कर ला सकते हैं।।

10. ब्रह्माण्ड में ग्रहों के बीच की दूरी को जानने हेतु, उनकी तरफ Radio Signal भेजा जाता है।

11. ऐसा माना जाता है कि हमारे ब्रह्मांड की आयु 13.7 अरब वर्ष है। जिसको बिग बैंग से लेकर अब तक का समय माना जाता है।

12. ऐसा माना जाता है कि हमारे ब्रह्मांड का जन्म एक बिंदु से हुआ है, जिसको लोग Big Bang Theory के नाम से जानते हैं।

13. हमारी Galaxy का नाम Milky Way है, जिसको मंदाकिनी भी कहा जाता है, इस शब्द को संस्कृत भाषा से लिया गया है, और इसको हम हिंदी में आकाशगंगा भी कहते हैं।

14. हमारे Galaxy का पड़ोसी Galaxy का नाम Andromeda Galaxy है, और ये गैलेक्सी हमारी गैलेक्सी से दो गुनाह बड़ा भी है, जो कि बहुत ही गहन रहस्य को लेकर हमारे वैज्ञानिकों के सामने प्रकट है।

15. ये आकाश गंगा कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इस तरीके से भी लगा सकते हैं कि, अगर आप 1 मिनट में 100 सितारे भी गिन देते हैं, तो आपको पूरी आकाश गंगा के तारों को गिनने में लगभग 2000 साल का समय लगेगा।

16. एक तारा जो ब्रह्मांड में अत्यधिक चमक लिए हुए है, उसकी विशालता का अनुमान आप इस प्रकार लगा सकते है कि वह सूर्य की तुलना में 8.7 मिलियन गुनाह अत्यधिक चमकीला है। यह उसकी विशालता का बहुत अचंभित प्रमाण है।

17. Large Magellanic Cloud Galaxy इस यूनिवर्स की सबसे अधिक चमकदार गैलेक्सी है, इससे आप उस ब्रह्मांड के सूर्यों के घनत्व का अंदाज़ा लगा सकते हैं।

18. हमारे सोलर सिस्टम के सर्य के बाद सबसे नजदीकी तारा Proxima Centauri है।

19. हमारे ब्रह्माण्ड में खोजा गया सबसे बड़ा तारा U.V.scuti को माना जाता है, ये हमारे सूर्य के मुकाबले 1700 गुनाह अधिक बड़ा है।

20. हमारे यूनिवर्स की फैलने की ताकत पहले के मुकाबले और बढ़ गयी है, यानी अब हमारा ब्रह्मांड और भी अत्यधिक तेजी से फैल रहा है।

21. खगोल शोधार्थियों के हिसाब से हमारी Milky Way Galaxy का Taste रम और रास्पबेरी जैसा है।

22. 1977 में हमारे वैज्ञानिकों को दूर अंतरिक्ष से एक सिग्नल मिला था, लेकिन हमे अभी तक नही पता कि वो सिग्नल कहाँ से आया था। हो सकता है हम अभी उस सिग्नल को समझ पाने लायक तकनीक या ज्ञान प्राप्त नही कर पाएं हैं।

23. शनि (Saturn) ग्रह के चारों तरफ उपस्थित छल्ले कोई सतह की तरह नहीं है. वो धूल, बर्फ और चट्टानों के माध्यम से बने हैं।

24. अंतरिक्ष की खुद की आवाजें नही होती, किन्तु कुछ समय पहले NASA ने ऑडियो क्लिप जारी किया, जिसमे अंतरिक्ष की आवाज सुनने जैसी आवाजे थी।

25. यदि हम पृथ्वी को कंप्रेस कर सकते तो, यह एक ब्लैक होल में तब्दील हो जाता, और केवल पृथ्वी ही नही, अंतरिक्ष में मौजूद किसी भी अन्य पदार्थ के साथ यही हो सकता है।

26. हमारा दिमाग इस ब्रह्मांड का सबसे रहस्यमयी निर्माण है, ये करीब 1 बिलियन न्यूरॉन्स और इंफिनिटी कनेक्शन से निर्मित है।

27. अध्ययन के हिसाब से यूनिवर्स में करीब 20 ट्रिलियन गैलेक्सी हो सकती हैं।

28. हमारी पृथ्वी को अगर सूर्य की विशालता से मापा जाए, तो सूर्य में लगभग 13 लाख पृथ्वी फिट हो सकती है।

29. आज से करीब 400 वर्ष पूर्व दूरबीन की मदद से अंतरिक्ष के रहस्यों को देखने वाला पहला व्यक्ति Galileo था।

30. हीलियम और हाइड्रोजन के अलावा पृथ्वी पर पाए जाने वाली कोई भी चीज स्टारडस्ट (तारे की धूल) से निर्मित है। पृथ्वी की उत्पत्ति… ख़त्म होते हुए तारे के माध्यम से हुआ है, और पृथ्वी पर पाए जाने वाली स्पीसीज उसी धूल का अंश हैं।

31. हमारी पृथ्वी जिस तरह सूरज का भ्रमण कर रही है, उसी प्रकार हमारा सूरज भी सौर मंडल के सारे ग्रहों के साथ हमारी आकाशगंगा का चक्कर लगा रहा है। सूरज को मिल्की वे गैलेक्सी का एक चक्कर लगाने में 22.5 करोड़ वर्ष जितना समय लगता है। अभी आकाशगंगा के जिस जगह पर हमारा सूरज है उस जगह पर पिछले बार डाइनासोर ( The Mesozoic Era ) के समय पर था।

32. सन 1925 से पूर्व साइन्टिस्ट हमारी आकाश गंगा को ही पूर्ण ब्रह्मांड मानते थे। पर जब एंड्रोमेडा गैलेक्सी की खोज हुई, तब पता चला हमारे गैलेक्सी जैसी अंतरिक्ष मे अरबों गैलेक्सी मौजूद है।

33. हर आकाशगंगा के मध्य भाग में एक ब्लेक होल उपस्थित है। हमारी आकाशगंगा के मध्य में भी एक है। जिसका द्र्व्यमान हमारे सूरज से करीब 40 लाख गुना ज्यादा है।

34. सन 2016 में एंड्रोमेडा गैलेक्सी के अंदर 40 ब्लैक होल को खोजा गया। यानी की एंड्रोमेडा गैलेक्सी के पास अधिक मात्रा में ब्लेक होल है।

35. अंतरिक्ष की गंध महसूस करना संभव नही है, किन्तु वैज्ञानिको के हिसाब से कुछ परिस्थिति में अंतरिक्ष गर्म धातु अथवा वेल्डिंग गैसों जैसा महकता है।

36. हम अंतरिक्ष मे आँशु तथा पसीना नही बहा सकते हैं, गुरुत्वाकर्षण बल के न होने के कारण, हमारे शरीर से पसीना या आँशु बाहर नही निकल पाता है।

37. ब्रह्मांड का कोई किनारा हम नही बता सकते हैं, क्योंकि इसका किनारा नही होता है, ब्रह्मांड की सभी वस्तुएं एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल से बंधे हुए हैं।

38. अंतरिक्ष में इस्तेमाल होने वाला स्पेस सूट करीब 120 लाख डॉलर का होता है, और इस सूट से भी अधिक कीमत इसको बनाने तथा इसकी Specifications में लगता है।

39. Astronomer ( Frank Drake ) ने हमारे गैलेक्सी में संभावित सभ्यताओं (Civilization) की गिनती बताने के लिए ड्रेक समीकरण की खोज की है।

40. अब तक हमने हमारे ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा किसी अन्य जगह पर जीवन को नही खोजा है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे पास ऐसे बहुत से प्रमाण है, जिससे हम यह कह सकते हैं, की हम ब्रह्मांड में अकेले नही हो सकते। Aliens किसी रूप में कही तो अवश्य जीवित है।

41. ब्रह्मांड जैसा हमे दिखाई देता है, वास्तविक में ये केवल 5 प्रतिशत हो सकता है, इसका रहस्य कुछ और भी हो सकता है, क्योंकि इसमें सबसे विशाल 2 रहस्य, डार्क मैटर और डार्क एनर्जी है।

42. ओरायन नक्षत्र (Orion constellation)  को सबसे रहस्यमयी तारामंडल माना जाता है। क्योंकि सारे धर्मो के प्राचीन ग्रंथों के साथ यह नक्षत्र जुड़ा हुआ है।

43. यूनिवर्स की सबसे ठंडी जगह Boomerang Nebula को माना जाता है, वैज्ञानिको के हिसाब से यहाँ का तापमान -273.15 ℃ हो सकता है, और नेबुला का तापमान -272 ℃ से भी कम हो सकता है,

44. जब किसी तारे का अंत होता है, तो वो अपने द्रव्यमान को अपने अंदर खिंचता जाता है, फिर एक वक्त ऐसा आता है, की उसकी डेंसिटी इतनी अधिक हो जाती है, जिससे ये खुद के ही द्रव्यमान को संभाल नही पाता, जिससे एक बहुत बड़ा विस्फोट होता है, और इस तरह एक ब्लैक होल का जन्म होता है।

45. साइंटिस्ट के हिसाब से ये माना जा रहा है, की हमारी गैलेक्सी में 36 एडवांस सिविलाइज़ेशन मौजूद हो सकती है, जिसका मतलब ये है कि, एक ऐसा एलियन जीवन जो हमसे कहीं ज्यादा बुद्धिमान अथवा आगे हो।

46. एक थियरी है, जिसके हिसाब से हर ब्लेक होल के अंदर एक यूनिवर्स होता है। आप ये भी मान सकते हो कि हमारा ब्रह्मांड भी किसी ब्लैक होल में हो, अगर हम इसको सच मानें, तो सोचो वास्तविक यूनिवर्स कितना विशाल हो सकता है।

47. समांतर ब्रह्मांड के मुताबिक हमारे ब्रह्मांड जैसे कई और ब्रह्मांड मौजूद है, जहाँ पर हमारे ब्रह्मांड जैसी ही दूसरी संभावनाए होती है। जैसे की अगर आप इस ब्रह्मांड में एक सिंगर है, तो दूसरे ब्रह्मांड में एक वैज्ञानिक होंगे, तीसरे में एक्टर होंगे। इस तरह जितनी भी आपकी संभावनाए हो सकती है, जितना आप सोच सकते है, उतने ब्रह्मांड हो सकते हैं।

48. मल्टीवर्स की थ्योरी के हिसाब से हमारा ब्रह्मांड एक बड़े से बुलबुले में मौजूद है और अंतरिक्ष में ऐसे अंनत बुलबुले मौजूद है।

49. स्ट्रिंग थियरी के हिसाब से ब्रह्मांड के अंदर 26 आयाम (Dimension) है। इस बात को पहले मजाक समझ गया, लेकिन बाद में इस थ्योरी ने कई रहस्य निकाले, उसके बाद इस थियरी को गंभीरता से समझा गया।

50. एक अंतरिक्ष यात्री ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का भ्रमण करते समय एक बूमरैंग फेंका और वह बूमरैंग गुरुत्वाकर्षण बल नही होते हुए भी उसके पास लौट आया।

Universe Bubble

51. आकाशगंगा ( Milky Way ) की चौड़ाई लगभग 100,000 प्रकाश वर्ष है।

52. यदि आप स्पेस में बिना स्पेससूट के जाते हैं, तो आप अपने सामान्य आकार से दोगुना तक फूल सकते हैं। इसका कारण है कम दबाब। लेकिन आप विस्फोट यानी फट नही सकते, क्योंकि मनुष्य की त्वचा सुपर खिंचाव है।

53. आकाश का खुद का कोई रंग नहीं होता। जब सूरज की रोशनी और आकाश में मौजूद धूल इत्यादि इसमें मिलते हैं तो वह फैल जाता है। नीला रंग, अपने अपेक्षाकृत कम तरंगदैर्घ्य के कारण, अन्य रंगों की अपेक्षा अधिक छितरता है। इसलिए आकाश का रंग नीला दिखता है।

54. पृथ्वी से हम चंद्रमा का मात्र 59% भाग ही देख सकते हैं।

55. चाँद पर अंतरिक्ष यात्री के पैरों के निशान एक लाख वर्ष तक भी रह सकते हैं।

56. इस गैलेक्सी में एक ऐसा ग्रह भी मौजूद है, जो हीरे का बना हुआ है, इसका नाम है 55 Cancri

57. चंद्रमा पर जाने वाला पहला व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग था, और दूसरा Buzz Aldrin

58. जो सूर्य का प्रकाश आप देखते हो वह 30,000 साल पुरानी है वैसे तो प्रकाश को सूर्य की सतह से हमारी पृथ्वी तक आने में केवल 8 मिनट लगता है, लेकिन उस प्रकाश को सूरज के कोर से सूरज की सतह तक पहुंचने में लगभग 30,000 साल लगते हैं, तो जो रोशनी आप सूर्य में देख रहे हो, वह रोशनी 30000 साल पुरानी है।

59. जो वैज्ञानिक इस यूनिवर्स का अध्ययन करते हैं, उन्हें Astronomical यानी खगोलीय विज्ञान कहा जाता है।

60. अगर किसी पक्षी को अंतरिक्ष मे भेज दिया जाए, तो वो उड़ नही पाएगी और मर जाएगी, क्योंकि उड़ने के लिए गुरुत्वाकर्षण बल का होना अनिवार्य है।

61. यूनिवर्स.. जल, आसमान, बादल अथवा वायु से घिरा हुआ है।

62. अंतरिक्ष में मौजूद Artificial “International Space Stations” में पूरे दिन में 15 बार सूर्योदय औऱ सूर्यास्त होता है।

63. प्रकाश की तेजी 1 second में साढ़े सात (7.5) बार पृथ्वी का भ्रमण कर सकता है।

64. अंतरिक्ष (Space) में किसी वस्तु को नीचे गिराने पर वो नीचे नहीं गिरता, वह तैरता रहता है।

65. Signal कम होने पर TV या Radio जो सी…सी… की आवाज करते हैं, उसका कारण 1% Big Bang से हुए radiation को माना जाता है।

66. यदि पृथ्वी पर करोड़ो प्रकाश वर्ष (Light Year) दूर मौजूद ग्रहों से एक Extremely Technology वाले Telescope से देखा जाए, तो धरती पर घूमते हुए Dianasours को भी देखा जा सकता है, क्योंकि पृथ्वी से करोड़ो साल पहले गुजरा हुआ प्रकाश वहां पर अब पहुँचा होगा।

67. पृथ्वी पर आग की लपटें हमेशा ऊपर की तरफ जाती हैं लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा नही होता। वहां हवा न होने के कारण आग की लपटें चारों दिशाओं में फैलती जाती है।

68. पृथ्वी पर ज्वारभाटा अथवा लहरें आने का कारण चाँद को माना जाता है, सूरज के साथ मिलकर यह रोज अरबो टन पानी पर अपना प्रभाव फैलाता है।

69. हर वर्ष चंद्रमा पृथ्वी से 3.8 सेंटीमीटर दूर जा रहा है, वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा। किन्तु, आने वाले अरबों वर्षों तक ऐसा नहीं होने वाला।

70. 840AD में बावरिया के सम्राट लुइस की सूर्य को महसूस का अनुभव करते समय भय से मृत्यु हो गई – यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूरज के बीच चलता है और एक छाया पृथ्वी के कुछ भागों पर पड़ती है।

71. आज से भूतपूर्व में ब्रह्मांड आज के मुकाबले में छोटा, गर्म और कॉम्पैक्ट था।

72. प्रकाश द्वारा 1 वर्ष में तय की गई दूरी प्रकाश वर्ष ( Light Year ) कहलाती है, 1 प्रकाश वर्ष लगभग 9460 खरब किलोमीटर के बराबर होता है।

73. ज्यादातर ग्रह के खुद के उपग्रह होते है, चाँद हमारे पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है।

74. Satellite जो मानवो द्वारा बनाये जाते हैं, और पृथ्वी का चक्कर लगाते है, इनका उपयोग मौसम पूर्वानुमान, उपग्रह संप्रेषण आदि के लिए किया जाता है।

75. बुध ग्रह पर बहुत तीव्र गति से हवाएं चलती है, और बुध की भृमण की गति से 50 गुना ज्यादा वहां तीव्र हवाएं चलती हैं।

76. प्लूटो (pluto) चाहे आकार में कितना भी छोटा हो पर वहाँ धरती जैसे ज्वालामुखी और पहाड़ मौजूद है, और जैसे धरती की ज्वालामुखी से लावा निकलता है वहीं प्लूटो की ज्वालामुखी से ठंडी बर्फ निकलती है। क्योंकि वहां ज्वालामुखी में जल होता है और जब यह प्रवाह के साथ बाहर निकलता है तो यह बर्फ (snow) के रूप में निकलता है।

77. हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह है, लेकिन हमारे पूरे सौरमंडल का 99% सूर्य ही है और बाकी एक प्रतिशत हमारे ग्रह और उल्कापिंड (meteorite) हैं।

78. हमारे सौरमंडल में एक ऐसा चांद है जो 2 रंगों में है, शनि ग्रह के चांद लेपिटस (lepitus) दो रंग वाला चांद है। लैपीटॉस चांद आधा गहरा (dark) रंग का है और आधा हल्के (light) रंग का है।

79. अगर आप दो धातु से बनी चीजों को अंतरिक्ष में जोड़ोगे तो वह हमेशा के लिए जुड़ी रहेगी, और इसको कोल्ड वेल्डिंग (cold wedling) बोला जाता है। यह इसलिए होता है क्योंकि अंतरिक्ष में कोई भी धूल (dust particle) या हवा नहीं है। इसलिए उन्हें जोड़ने से कोई नहीं रोकता।

80. हमारी पृथ्वी (earth) पहले मंगल (mars) ग्रह का हिस्सा थी। ऐसा इसलिए क्योंकि अंटार्कटिका में मिले रेत  मंगल ग्रह की रेत से मिलते-जुलते है, जिससे यह पता चलता है कि मंगल (mars) ग्रह और पृथ्वी (earth) के बीच कोई ना कोई इतिहास जरूर रहा होगा।

81. हमारे सौरमंडल का शनि (Saturn) ग्रह एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसके पास खुद के रिंग्स (rings) है। वैसे तो बृहस्पति (Jupiter), अरुण ग्रह (Uranus) के पास भी अपने रिंग्स है । लेकिन वह बहुत पतले हैं।

82. उतरी दक्षिण अमेरिका में औरोरा लाइट्स (Aurora lights) जिसे लोग दूर दूर से देखने आते हैं। वह दरअसल सूरज से आने वाली सूर्य हवाओं (solar winds) की वजह से होता है। जो कि सूर्य की सतह ( Surface ) से आती है।

83. गणित के अनुसार जिस तरह Black Holes होते हैं वैसे ही White Holes भी हो सकता है, हालांकि हमें अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है।

84. न्यूट्रॉन तारे हर सेकंड में 600 बार चक्कर लगा सकते हैं।

85. Microgravity (अंतरिक्ष में कम गुरुत्वाकर्षण बल) में अगर आप ज्यादा समय तक रहेंगे तो आपकी मांसपेशियों का दुर्विकास और हड्डियों का नुकसान हो सकता है।

86. हमारी आकाशगंगा (Milky Way Galaxy) के बाहर जब पहली बार सुपरनोवा देखा गया, तो उसे “Supernova 1885” नाम दिया गया था।

87. जब Hubble Space Telescope ने सबसे पहले बहुत दूर की आकाशगंगाओं की फोटो लेने की कोशिश की थी, तब Hubble Space Telescope ने 3000 आकाशगंगाओं को एक ही फोटो में Capture कर लिया था, और इसे “Hubble Deep Field” कहा गया। हैरानी की बात ये है कि ये सब गैलेक्सी अरबों वर्ष पहले की है, जो हमें अब दिखाई दे रहे हैं, और न जाने अभी ये सब वहाँ किस प्रकार होंगे।

88. शनि ग्रह पर एक चंद्रमा है, जो UFO के आकार जैसा दिखता है।

89. हमें धरती से मात्र यूनिवर्स का 5 प्रतिशत हिस्सा ही दिखाई देता है।

90. जब आप अंतरिक्ष में समय व्यतीत करते हैं तो आपके शरीर के अंदर के जीन परिवर्तीत हो जाते हैं।

91. Bootes Void, ब्रह्माण्ड का एक ऐसा स्थान है, जहाँ अरबों प्रकाश वर्ष दूर तक कुछ भी नही दीखता, अर्थात खाली है।

92. सबसे पहले अंतरिक्ष मे एक कुत्ते को भेज गया था, इस कुत्ते को Laika के नाम से बुलाया जाता था।

93. अंतरिक्ष यात्री जब अंतरिक्ष मे यात्रा करते हैं, तो उनकी हाइट 2 इंच बढ़ जाती है, क्योंकि अंतरिक्ष मे Gravity नही है, जिसकी वजह से रीड की हड्डी के जोड़ ढीले हो जाते हैं। इसे सामान्य कद के इंसान की लंबाई लगभग 1.5 से 2 इंच अपने आप बढ़ जाती है।

94. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल न होने के कारण अंतरिक्ष यात्री कमजोर हो जाते हैं, और धरती पर अंतरिक्ष यात्री जब आते है, तो इस कमजोरी से बाहर निकलने में उनको 2 से 3 दिन का समय लग जाता है।

95. अंतरिक्ष में पहली सेल्फी 1966 में नासा के अंतरिक्ष यात्री बज़ एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) ने वहाँ घूमते वक़्त ली थी, यह स्पेस सेल्फी (Space selfie ) की नीलामी 2015 में करीब 9,200 डॉलर में हुई थी।

96. अगर किसी आदमी को बिना किसी सुरक्षा के 2 मिनट अंतरिक्ष मे छोर दिया जाए , तो वह 2 मिनट के अंतराल में ही मर जाएगा।

97. लोग कहते हैं, की अमेरिका ने 1962 में अंतरिक्ष मे एक भयंकर Hydrogen बम विस्फोट किया था, जो जापान के हिरोशिमा में गिराए बम से 100 गुनाह अधिक शक्तिशाली था।

98. 1985 में अंतरिक्ष मे पिया जाने वाला शीतल पेय कोका-कोला बन गया।

99. 23 अप्रैल, 1967 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री व्लादिमीर कोमारोव (Vladimir Komarov) अंतरिक्ष में दूसरी यात्रा के दौरान मृत्यु को प्राप्त हो गए थे, तब अंतरिक्ष यान उनकी वापसी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वह अंतरिक्ष यात्रा में मरने वाले दुनिया के पहले इंसान थे।

100. 16 जून, 1963 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री वेलेंटीना टेरेश्कोवा (Valentina Tereshkova) अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की सबसे पहली महिला बनीं।

101. पृथ्वी पर सूर्यास्त पीला, नारंगी तथा लाल होता है, वहीं मंगल ग्रह पर सूर्यास्त नीला रंग का दिखाई देता हैं।

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