चाँद का रहस्य | Interesting Scientific Facts Related to the Moon

चाँद का रहस्य | Interesting Scientific Facts Related to the Moon

चाँद बहुत खूबसूरत है, और ये धरती की शुरुआत से लेकर आज तक हमारे धरती के साथ बना रहा है। चाँद को ही नजर रखते हुए, हम लोगों ने CALENDER को बनाया, इसको लेकर कई कहानियां भी बनाई गयी। इसे देखकर भेड़ियें आवाज निकालते हैं। और ये रात के अँधेरे में हमें एक ठंडी प्रकाश प्रदान करती है। इसी के चलते हमारे SOLAR SYSTEM में धरती एक BALANCE में रहती है। अगर चाँद नहीं होता, तो हम लोग भी आज ज़िंदा नहीं होते। चाँद हमारे धरती के करीब तो है, बाकी BODIES के मुताबिक़, पर चाँद से जुड़े आज भी ऐसी काफी सारी चीज़ें है। जो हम नहीं जानते है।

The Hollow Moon theory proposes that Earth's Moon is either wholly hollow or otherwise contains a substantial interior space. No scientific evidence exists to support the idea, seismic observations and other data collected since spacecraft began to orbit or land on the Moon indicate that it has a thin crust, extensive mantle and small, dense core, although overall it is much less dense than Earth.
MYSTERY OF MOON

 

हम चाँद के बारे में पहले कुछ नहीं जानते थे। पर APOLLO 11 एक पहला MISSION था। जिसके चलते इंसान ने पहली बार चाँद पर कदम रक्खा। और ऐसी कई THEORIES यानी सिद्धांत निकाले गए, जो चाँद के कई रहस्यों को EXPLAIN करने की कोशिश करती है।

NOVEMBER 1969 में NASA के APOLLO MISSION में उन अंतरिक्ष यात्रियों ने चाँद के ऊपर एक IMPACT छोरा था। मतलब एक SATELLITE को चाँद की सतह से  जान बूझ कर टकराकर कुछ क्षेत्र तक एक CREATOR बनाने की कोशिश की गयी थी। जब उस SATELLITE और MOON का CONTACT हुआ, और ये CREATOR बना, तब बिलकुल  एक BELL यानी घंटे की तरह चाँद का सतह कई दिनों तक VIBRATE करता रहा। ऐसा मानो जैसे कोई SATELLITE ऐसी चीज़ से टकराई हो, जो अंदर से खोखली हो, बिलकुल एक घंटे के जैसे।

अगर चाँद एक नार्मल SOLID सी बॉडी होती, तब ये कभी नहीं होता, इस चीज़ को देखकर SCIENTISTS पूरी तरह से चौंक गए थे। क्यूंकि इससे ये पता चलता है कि चाँद अंदर से पूरी तरह खोखला है। उन्होंने सोचा कि कुछ तो गड़बड़ है, हमने आज तक चाँद के बारे में जो भी माना है शायद वो गलत है। चाँद के बारे में कई BASIC सी चीज़ें हैं, जो हम नहीं जानते, और आज तक हम लोग इसे समझने में असमर्थ रहे हैं। चाँद की खोखला होने वाली बात तो आप लोगों ने जान लिया, पर वर्षों गुजर गए, पर चाँद आखिर बना कैसे इसे आज तक कोई भी SCIENTIST पूरी तरह से EXPLAIN नहीं कर सकते है। कुछ SCIENTIST कहते है, जब बड़ी सी बॉडी धरती से टकराई, तब चाँद बना, पर इस सिद्धांत में PROBLEM ये है, कि चाँद और धरती की COMPOSITION बहुत अलग है, मतलब की चाँद का सतह और उसका अंदर का भाग धरती से बहुत ज्यादा अलग है, और कई SCIENTISTS ये भी कहते हैं, कि कोई गोल सी बॉडी, SPACE में धरती के करीब से गुजर रही थी। तभी धरती ने उसे अपने तरफ खिंच लिया। और वो तब से धरती के चारो ओर घूमने लगा। पर चाँद धरती से सिर्फ चार गुनाह छोटा है, और अगर हम चाँद के SIZE को देखते हुए  बात करें, तो PRACTICALLY ये असंभव है, कि किसी गुजरती हुई बॉडी को धरती अपनी तरफ खिंच ले। ये किसी भी प्रकार के ASTEROIDS से बहुत ज्यादा बड़ा है। SCIENTIFICALLY ASTEROIDS को तो धरती आराम से खींच लेगी। पर चाँद को नहीं खींच सकती, इसीलिए कई SCIENTIST का ये भी मानना है, कि MOON की NATURAL SATELLITE वाली बात बिलकुल गलत है। मतलब MOON को किसी दूसरे गृह के INTELLIGENT जंतुओं ने बनाया है। 

चाँद पर जितने बार भी MISSIONS हुए है, उन सब से हमें बहुत कम जानने को मिला है। चाँद की GRAVITATIONAL FORCE यानी गुरुत्वाकर्षण शक्ति भी एक अजीब तरीके से ACT करती है, इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति को समझने के लिए कई MISSIONS किये गए, पर आज तक किसी को इसकी पूरी सच्चाई पता नहीं चली। चाँद का SIZE भी एक बहुत बड़ा रहस्य है। किसी भी PLANET का MOON उससे छोटा होता है, ये बात तो सही है.. OK. पर ACTUALLY MOON उसके गृह के हिसाब से बहुत छोटा होना चाहिए, मतलब चाँद जो है, वो धरती के COMPARISON में ज्यादा छोटा नहीं है। 

चाँद धरती का 1/4 है, मतलब की एक धरती पर 4  चाँद समा जाएंगे। पर अगर आप बाकी गृहों से इसे COMPARE करो। JUPITER को ही ले लो, JUPITER के बहुत सारे चाँद है। पर उसके सारे चाँद उसके 1/88 SIZE से भी कम है। मतलब JUPITER का चाँद जुपिटर से 88 गुनाह ज्यादा छोटा है। एक JUPITER में 88 MOON समा जाएंगे। मतलब उसका चाँद बहुत-बहुत छोटा है, और SCIENTIFICALLY होना भी चाहिए, पर देखा जाए तो धरती का MOON बाकियों से बड़ा ही है। धरती के SIZE के आस-पास के SIZE वाले PLANETS जो है। जैसे MERCURY और VENUS इन सब का तो कोई चाँद ही नहीं है। पर धरती को देखो, और इसके MOON को देखलो धरती से केवल 4  ही गुनाह छोटा है, ये इसे बहुत ज्यादा रहस्यमयी बनाता है। मतलब कि चाँद का SIZE और भी ज्यादा छोटा होना चाहिए। नहीं तो ये होना ही नहीं चाहिए, इसे EXIST ही नहीं करना चाहिए।

NASA के एक SCIENTIST ROBIN BRETT ने कहा था। कि चाँद के होने से ज्यादा चाँद के नहीं होने के बारे में समझाना ज्यादा आसान है। और इन्ही सब चीज़ों  के चलते SCIENTIST का शक और भी ज्यादा बढ़ जाता है, कि चाँद कहि बनाया गया ARTIFICIAL BODY तो नहीं, चाँद का CIRCULAR ORBIT ये भी एक बहुत बड़ा रहस्य है। चाँद धरती के चारो तरफ एकदम PERFECT धरती के CIRCULAR ORBIT में चक्कर लगाता है। इस सौरमंडल में जितने भी BODIES किसी एक BODY का चक्कर लगा रहा है। वो कभी PERFECT CIRCULAR नहीं होता, ELIPTICAL होता है। पर चाँद का ORBIT एकदम PERFECT CIRCULAR ORBIT है। चाँद धरती को बहुत हद तक CONTROL करता है। ये धरती के घूमने को STABILIZE करता है। यानी उसे जैसा होना चाहिए, वैसा रखता है। अगर चाँद नहीं होता, तो हमारे धरती का जो ACCESS है। और और भी ज्यादा झुक जाता। सूरज की LIGHT धरती पर DIRECTLY EQUATER पर पड़ती है। अगर चाँद नहीं होता, तो धरती का AXIS कुछ अलग होता। जो सूरज की LIGHT है, वो DIRECTLY EQUATER के जरिये POLES पर पड़ती NORTH POLE पे। इस चेंज के चलते धरती पे आज जो मौसम बनी रहती है। वो पूरी तरह से बदल जाती। ये अजीब इसीलिए है, क्यूंकि MOON जिस हद तक धरती को CONTROL करता है, वो कुछ ज्यादा ही है। 

हमारे सौरमंडल में किसी भी और PLANET का MOON अपने PLANET को यानी गृह को उस हद तक CONTROL नहीं करता, जितना हमारा चाँद धरती को करता है। चाँद का होना, चाँद का SIZE, चाँद कैसे बना, चाँद धरती के चारो ओर एकदम PERFECT CIRCULAR ORBIT में कैसे घूमता है। चाँद धरती को इतने हद तक CONTROL कैसे कर लेता है। इन सब प्रशनो का उत्तर विज्ञान को अभी तक नहीं मिला। और इन सब प्रश्नों का उत्तर ना होने के चलते कई वैज्ञानिक भी ये मानने लगे है, कि चाँद को दूसरे गृह के जंतुओं ने बनाया है। कई विचारकों का ये भी मानना है, कि धरती पर जीवन संभव करने के लिए ALIENS ने चाँद को बनाया। और वो इसे बनाके अपने सौरमंडल में वापस चले गए। और वो बीच-बीच में अपने निर्माण, यानी अपने CREATION को देखने आते है। APOLLO 11 के MISSION में NEIL ARMSTRONG और उनके CREW MEMBERS ने कई अंतरिक्ष यानों को देखा था। उन्होंने खुद कहा था। की उनकी SPACESHIP को  वो लोग TRACE कर रहे है। कोई उनका पीछा कर रहा था। और लोगों का ये भी मानना है, कि NASA ने इस घटना को DETAIL में EXPOSE नहीं किया। जब वो मून पर LAND कर रहे थे। तब 2 मिनट के लिए उनका CONNECTION धरती पे मौजूद CONTROL ROOM से टूट गया था। बीच-बीच में SIGNALS BLOCK हो रहे थे। और कोई दूसरी UNKNOWN SIGNALS आ जा रही थी।

ISRO और NASA भविष्य में और भी कई चाँद पे जाने के MISSIONS को PLAN कर रही है। मै तो यही चाहूंगा कि ये ORGANISATION CHAAND की गुत्थियों को सुलझा दे। क्या आपको लगता है, कि चाँद को ALIENS ने बनाया था ? नीचे कमेंट में जरूर बताना। और इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरूर करना। 

आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद 

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