टेलेकिनेसिस की शक्ति Power of Telekinesis - दिमाग की आनोखी शक्ति

 

टेलेकिनेसिस की शक्ति - दिमाग की आनोखी शक्ति | Power of Telekinesis

किसी चीज़ को बिना छुए दिमाग की शक्ति से अगर हम हिला सकें, यानी उसे हम MOVE कर सकें, तो उसे हम TELEKINESIS कहते है। इसके ऊपर कई MOVIES बन चुकी है। MOVIES तो FICTIONAL हो गयी। पर TELEKINESIS की BELIEVE बिलकुल असली है।


टेलेकिनेसिस की शक्ति Power of Telekinesis - दिमाग की आनोखी शक्ति
POWER OF TELEKINESIS

जी हाँ, इस दुनिया में ऐसे कई लोग हैं। जो मानते है की हम हमारे दिमाग का केवल 10 प्रतिशत ही इस्तेमाल करते हैं। और अगर हम अपने दिमाग के 100 % को इस्तेमाल कर लें। तो हमें TELEKINESIS की पावर मिल सकती है। सदियों से कई लोग भी ये दवा करते आये हैं। कि वो अपने दिमाग से चीज़ों को हिला सकते हैं। ऐसे कई MONKS हैं, जो विश्वास करते हैं कि MEDITATAION के जरिये हम TELEKINESIS की शक्तियों को हासिल कर सकते हैं। ख़ास करके इंडिया में ऐसे लोगों के बारे में अक्सर सूना जाता है। दिमाग की मदद से किसी को जमीन से ऊपर उठाना अपने दिमाग की शक्ति से दरवाज़े को खोलना, या फिर FOCUS  जरिये किसी चम्मच को टेढ़ा कर देना। ये सब TELEKINESIS को DEPICT करती है। पर

क्या ऐसे कारनामे सही में होते हैं ?

अगर हम लोगों को इसकी सच्चाई जाननी है, तो हमें TELEKINESIS को एक SCIENTIFIC POINT OF VIEW से देखना होगा। TELEKINESIS और इससे जुडी चीज़ें जैसे : TELEPATHY और TELEPORTATION एक STUDY FIELD के अंदर आती है। जिसे हम PARAPSYCHOLOGY कहते है। 

लोग दावा तो करते है, पर आज तक किसी के पास PROOF नहीं है, कि TELEKINESIS सच में REAL है कि नहीं। किसी भी LAB EXPERIMENT में TELEKINESIS आज तक तो PROOF नहीं हुआ। पर आपने ऐसे जादूगरों को जरूर देखा होगा। जो ऐसे जादू दिखाते हैं, जिनमे वो अपने दिमाग की शक्ति से चीज़ों को हिलाते है। पर ज्यादातर जादूगर TRICKSTERS होते हैं। वो किसी TRICKS की मदद से हमें धोखा देते हैं। ये TELEKINESIS की TOPIC इतनी रोचक है। कि दुनिया भर में लाखों ORGANISATION करोड़ों का BET लगाए हुए हैं, उन लोगों से जो TELEKINESIS पर BELIEVE करते हैं।

अगर दुनिया में कोई PROOF कर दे, कि TELEKINESIS अगर REAL है। तो वो उन्हें करोड़ों का इनाम देने के लिए तैयार है। पर ये PRICES आज तक UNCLAIMED हैं। क्यूंकि इस दुनिया में कोई आज तक PROOF नहीं कर सका, कि TELEKINESIS असली है।

हमारे UNIVERSE में कुछ UNIVERSAL LAWS होते हैं। कुछ RULES होते है, जिसे FOLLOW करके हमारी दुनिया चल रही है। और उन सब LAWS में से एक LAW ये कहती है। कि BRAIN WAVES CAN'T CONTROL OBJECTS मतलब हमारा दिमाग किसी चीज़ को CONTROL नहीं कर सकता है। हमारे दिमाग में जो WAVES होती है, वो INTERNALLY बहुत कुछ कर सकती है। पर वो हमारे दिमाग के बाहर के किसी चीज़ को EFFECT नहीं कर सकती है।

अगर हम किसी भी तरह से हमारे दिमाग की BRAINWAVES  को STRONG कर पाए, तब शायद TELEKINESIS संभव हो सकता है। पर NATURALLY ये संभव नहीं है। अगर PHYSICS की माने तो इस दुनिया में सिर्फ दो ही FORCES है, जिसके पास ऐसी PROPERTIES है। कि वो बिना किसी PHYSICAL CONTACT के किसी भी चीज़ को ATTRACT कर सके। और वो है MAGNETIC FORCE और GRAVITATIONAL FORCE

अगर असली TELEKINESIS की बात करें, तो ये एक तरह से सम्भव भी है, पर ये EXACTLY TELEKINESIS नहीं है।

देखिये हम लोग अपने दिमाग के विचार से चीज़ों को EFFECT कर सकते है। पर कोई माध्यम होना चाहिए। मतलब किसी चीज़ के जरिये दोनों के बीच में INFORMATION EXCHANGE होना चाहिए। जैसे एक LAB EXPERIMENT में इस चीज़ को PROOF किया गया। SCIENTIST ने अपने दिमाग के विचार की मदद से एक ROBOTIC ARM को हिलाया था। उन्होंने अपने SKULL के ऊपर से BRAIN के उस हिस्से पर छोटे WIRES को IMPLEMENT कर दिया था। जो MOVEMENT को CONTROL करता है। और फिर वो अपने THOUGHTS की मदद से पूरी तरह से FOCUS करके बिना छुए उस ROBOTIC ARM को MOVE करने में सफल हुए। पर देखिये इस जगह पर भी WIRE यानी तार तो  मौजूद है ही। और यही वो माध्यम है, जिसके जरिये जो SIGNAL है, वो TRAVEL करती है।

इसीलिए SCIENTIST का कहना है कि हम लोग अपनी THOUGHTS की मदद से चीज़ों को EFFECT करना चाहते है, तो उनके बीच में MEDIUM यानी माध्यम होना चाहिए। ये EXPERIMENT बड़ा AMAZING तो है। पर इसे हम TELEKINESIS नहीं कह सकते है। क्यूंकि जो विचार होते हैं, वो MEASURABLE होते है। उन्हें हम लोग MEASURE कर सकते हैं। और उनकी ENERGY से SIGNAL WIRE के THROUGH TRAVEL करके ROBOTIC ARM को हिला देती है। इस तरह से WIRE के THROUGH चीज़ों को MOVE करने की जो POWER होती है। इसे SCIENCE बिलकुल EXPLAIN कर सकता है। और इस तरह की CONTROLLING THROUGH MIND REAL होती है, SCIENCE के हिसाब से..... अगर हम किसी चीज़ को SCIENTIFICALLY EVALUATE या ACCESS नहीं कर सकते, तो उसे हम SCIENTIFIC भी नहीं कह सकते है। 

SCIENCE के हिसाब से चाहे हम कितना भी विश्वास कर लें कि TELEKINESIS असली है, पर सबूत के मामले में और SCIENTIFIC TERMS के मामले में इसकी EVALUATION हमेशा कमजोर रहती है। तो विज्ञान तो यही कहती है, कि TELEKINESIS POSSIBLE नहीं है। क्यूंकि विज्ञान PROOF मांगता है, पर अगर MONKS की बात करें, तो उन लोगों का यही कहना है, कि TELEKINESIS बाकी PARANORMAL चीज़ों की तरह विज्ञान की समझ से परे है।

MONKS के हिसाब से जब हम बहुत दिन तक MEDITATION करते हैं। तो हमारे शरीर के 7 CHAKRAS धीरे धीर खुलने लगती है, और इसी के चलते हमें TELEKINESIS और बहुत सारे PSYCHIC POWERS मिलती है। मै SCIENCE को भी मानता हूँ, पर मुझे भी ऐसा लगता है कि इस दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी है, जिन्हे विज्ञान नहीं समझा सकता। और इसीलिए मैं TELEKINESIS पर विश्वास करता हूँ, मै रोज़ मैडिटेशन करता हूँ, और इसीलिए मै बहुत EXCITED हूँ, कि कब मेरे CHAKRAS खुले, और कब मुझे TELEKINESIS की  पावर मिले। आप भी MEDITATION जरूर करना, और अगर कोई बदलाव लगे तो मुझे COMMENT में बताना मत भूलना।

आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद

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