Pyramid of Giza से जुड़े 20 रहस्यमयी रोचक तथ्य और जानकारी

अरबी की एक पुरानी कहावत है,...आदमी वक़्त से डरता है। वक़्त पिरामिड से डरता है। दुनिया के प्राचीन सात अजूबों में से, सिर्फ Giza एक एकलौता ऐसा पिरामिड है। जो कि पिछले 4500 साल से वक़्त की मार झेलते हुए आज भी खड़ा है। वक़्त भी इसे मिटा नही सका। Egypt के पिरामिड्स को बने 45 सादिया बीत चुकी है।

लेकिन आज भी ये बात एक रहस्य है। कि उस वक़्त में भी ऐसे विशाल पिरामिड को लोगों ने कैसे बनाया होगा। तो आज आप पिरामिड से जुड़े ऐसे ऐसे तथ्यों को जानोगे जिसे आपने आज से पहले शायद ही कभी सुना होगा।
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PYRAMID OF GIZA

1. ये सोच पाना भी मुश्किल है, की 4500 साल पहले बिना किसी टेक्नोलॉजी और सुविधा के इतने बड़े पिरामिड कैसे बनाये गए होंगे। उस वक़्त Egyption लोगों के पास न तो कोई नई तकनीक थी, नाही कोई क्रेन्स थी, नाही कोई औज़ार थे, और नाही बिजली थी। यहाँ तक कि उस वक़्त तो लोहे की खोज भी नही हुई थी। जिसका इसेमाल शायद वो पत्थर तोड़ने के लिए कर पाते। उस वक़्त केवल कॉपर हुआ करता था, जो कि बहुत सॉफ्ट प्रकार का Metal होता है।

2. Pyramids को प्राचीन समय के Egypt के राजाओं की कब्रो को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। प्राचीन समय मे Egypt के लोग ये मानते थे, की मौत के बाद एक नई जिंदगी मिलती है।
तो मृत्यु के बाद उनके शव के साथ जरूरत की सारी चीजों और खजानों को भी दफनाया जाता था।

3. राजाओं के शवों को सुरक्षित रखने के लिए शवों को Mummy बनाकर दफनाया जाता था। ताकि शव खराब न हो जाये। प्राचीन Egyption लोगों का ये विशवास था, कि शव का Mummification करने से मरने वाले को सुरक्षित तरीके से पुनर्जन्म तक पहुंचाया जा सकता है। Mummification का प्रोसेस दो स्टेप में पूरा होता था। पहले तो मृतक के शरीर को सड़ने से बचाने के लिए उस पर विशेष प्रकार का लेप लगाया जाता था। उसके बाद शरीर को कपड़े से लपेटकर दफना दिया जाता था। यहां तक कि इस बात के भी प्रमाण मिले है, की प्राचीन मिश्र के लोग न केवल इंसानों को, बल्कि जानवरों को भी मम्मी बनाकर दफना देते थे। वो अपने चहीते चिमगादर के साथ ऐसा करते होंगे।

4. वैसे तो मिश्र में अबतक 138 पिरामिड खोजे जा चुके है। लेकिन मिश्र के ग़िज़ा शहर में मौजूद ये तीन पिरामिड सबसे प्रशिद्ध है। और इन तीनो में से जो सबसे बड़ा और सबसे पुराना पिरामिड है, यही दुनिया के प्राचीन सात अजूबों में शामिल था। इसे ही ग़िज़ा का Great Pyramid Of Giza कहा जाता है, और इसे Pyramid Of Khufu भी कहा जाता है। क्योंकि इसे Egypt के चौथे यानी 4th Dynasty के राजा Khufu ने अपनी कब्र के लिए बनवाया था। ताकि उनके मरने के बाद उनको वहाँ दफनाया जा सके। प्राचीन मिश्र के राजाओं को Pharaoh कहा जाता है।

5. Giza का दूसरा पिरामिड राजा खुफु के बेटे खफ्रे ने अपने कब्र के रूप में बनवाया था। और इसलिए इसको Pyramid Of Khafre कहा जाता है, और वो Statue जो आप अक्सर Egypt के Pyramid के वीडियो में देखा करते होंगे। वो स्टेचू भी इसी पिरामिड का हिस्सा है, जिसे Sphinx कहा जाता है। यह एक रहस्यमयी और काल्पनिक मूर्ति है। जिसका धर एक शेर का है, और सिर इंसान का हैSphinx को ऐसे बनाया गया है, जैसे मानो की ये पिरामिड की पहरेदारी कर रहा हो।

6. माना जाता है कि Sphinx की मूर्ति का ये चेहरा राजा खफ्रे के चेहरे को दर्शाता है। और शायद राजा खफ्रे के चेहरे के बनावट पर ही इसे बनाया गया होगा।

7. ग़िज़ा का तीसरा पिरामिड तीनो में सबसे छोटा है। इसे Pyramid Of Menkaure भी कहा जाता है। और ये कहा जाता है की इसे Menkaure के कब्र के रूप में बनाया गया था। Archeologist मानते है कि राजा Menkaure खफ्रे का उत्तराधिकारी था।

8. ग़िज़ा का ये महान पिरामिड दुनिया का सबसे पहला अजूबा है, और सात अजूबों में सबसे पुराना है। बाकी के 6 अजूबे वक़्त की मार नही झेल पाए। सिर्फ ग़िज़ा का ये महान पिरामिड ही है, जो इतना प्राचीन होने के बावजूद आज भी अस्तित्व में है। इसका सदियों पुराना इतिहास और इसकी बनावट आज भी सब को हैरान कर देती है।

9. ग़िज़ा के महान पिरामिड को जब बनाया गया था। तब ये 481 फ़ीट ऊंचा था। लेकिन हज़ारों सालों में हवा और बारिश द्वारा किये गए Erosion की वजह से पिरामिड ने लगभग 26 फ़ीट की ऊंचाई को खो दिया है। और आज की ऊंचाई 455 फ़ीट ही रह गयी है।

10. कैसे इतने भारी पत्थरों को 481 फ़ीट की ऊंचाई तक पहुंचाया गया होगा। जहाँ एक एक पत्थर का वजन कई कई टन है। और इतनी बड़ी परियोजना को सिर्फ 20 साल में अंजाम दिया गया था। Engineers भी मानते है, की आज इतनी Advanced Technology होने के बावजूद भी ऐसा एक दूसरा पिरामिड बना पाना भी नामुमकिन है। ग़िज़ा का महान पिरामिड बनाने में 23 लाख पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। कैसे इतने भारी भरकम पत्थरों को एक के ऊपर एक रक्खा गया होगा। खोजकर्ता आज भी ये जानने के प्रयास में जुटे हुए है। की उस जमाने मे कैसे इस असाधारण काम को अंजाम दिया गया होगा।

11. ग़िज़ा का ये महान पिरामिड 3800 सालों तक इंसानों द्वारा बनाया गया दुनिया का सबसे ऊंचा स्मारक रहा, लेकिन सन 1311 में जब इंग्लैंड में Lincoln Cathedral बनकर तैयार हुआ तो पिरामिड का ये रिकॉर्ड टूट गया। lincoln गिरजाघर की ऊंचाई 482 फ़ीट थी।

12. 12वी सदी के अंत मे Egypt के कुर्दी सुल्तान Al Aziz ने ग़िज़ा के पिरामिड को ध्वस्थ (Destroy) करने की कोशिश की थी।  खुशकिस्मती ये रही की उसने हार मान ली थी, क्योंकि ये काम बहुत मुश्किल था। जिन कामगारों को Al Aziz ने ये काम शौंप रखा था। उन्होंने 8 महीने तक उस पिरामिड को नष्ट करने की कोशिश की थी। लेकिन वो एक दिन में एक या दो पत्थर बड़ी मुश्किल से निकाल पाते थे। और आखिर में उन्होंने हार मान ली। हालांकि उनकी कोशिश ने Menkaure के पिरामिड पर एक बड़ा सा गड्ढा छोड़ दिया है।
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PYRAMID DESTROYED BY AL-AZIZ

13. ग़िज़ा के महान पिरामिड का वजन लगभग 5750000 Tons है। और अगर आप इसकी तुलना किसी और इमारत से करना चाहते तो, इस वक़्त दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा का वजन केवल 500000 Tons है।

14. आमतौर पर ये कहा जाता है की ग़िज़ा के पिरामिड गुलामों और कैदियों द्वारा बनाये गए थे। लेकिन Modern Discovery से ये पता चला है की जिन मजदूरों से इन पिरामिड्स को बनवाया गया था। उनको पगार दी जाती थी।

15. 4500 साल बीत जाने के बाद भी आज अगर Egypt के पिरामिड सही सलामत है, तो इसकी एक वजह ये है, की पत्थरों को जोड़ने के लिए Super Adhesive Motor का इस्तेमाल किया गया था। जिसने पिरामिड को मजबूत बनाये रखा है।

16. ग़िज़ा के महान पिरामिड को इस तरीके से बनाया गया है। की बाहर बेहद गर्मी पड़ने के बावजूद भी पिरामिड के अंदर का तापमान हिमेशा 20℃ के बराबर रहता है।

17. ग़िज़ा का पिरामिड दुनिया की सबसे लंबी नदी Nile नदी के पश्चिम तट पर मौजूद है।

18. ये अनुमान लगाया जाता है, की ग़िज़ा का महान पिरामिड बनाने के लिए (5000000 लाख टन = Limestone, 8000 टन = Granite, 500000 टन = Morter का इस्तेमाल किया गया था।

19. इतिहासकार ये मानते है कि ग़िज़ा के महान पिरामिड का निर्माण 20 हज़ार कुशल कारीगरों द्वारा किया गया था। जिनमे Architect, Builders, Engineers, सर्वेक्षक, राजमिस्त्री और शिल्पकार रहे होंगे।

20. 2013 में Archeologist को Egyption Desert की Wadi-Al-Jarf गुफाओं में 4500 साल पुराना Papyrus मिला। जिसपर Hieroglyph और Hieratic लिपि में लिखा हुआ है। 
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PAPYRUS HIEROGLYPH AND HIERATIC SCRIPT

Papyrus Egypt में पाए जाने वाला पौधा है। पुराने समय मे इसी से कागज जैसा Material बनता था और उसी पर लिखा जाता था। ये अब तक का पाया गया सबसे पुराना Papyrus है, और 4500 साल पहले इसे तब लिखा गया था, जब राजा हुफू का शाशन था। और ग़िज़ा के महान पिरामिड का निर्माण हो रहा था। 
इस पर लिखा हुआ ये दर्शाता है, की हज़ारों मजदूरों ने लाखों टन लाइमस्टोन को Tora की खदानों से Giza तक पहुंचाया था। ये Papyrus Egypt की राजधानी Cairo के म्यूजियम में रखा है।


तो दोस्तो आज के लिए बस इतना ही अगर आपको पिरामिड से जुड़े ये रहस्य पसंद आये तो इसे शेयर जरूर करना।

आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

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